दिल में है बेताबीयां, नींद उड़ने लगी
तेरे ख्यालों से ही आँख जुड़ने लगी
क्या है ये, क्यों है ये, क्या खबर
हाँ मगर, जो भी है, बड़ा अच्छा लगता है
तुम से मिलना, बातें करना
बड़ा अच्छा लगता है
तुम से मिलना, बातें करना
बड़ा अच्छा लगता है
बहके बहके मेरे दिन
महकी महकी मेरी शाम
कोरे आँचल पे सदा
मैं तो लिखूँ तेरा नाम
मैं तो लिखूँ तेरा नाम
तुम्हारी हर अदा, तुम्हारी हर नज़र
ये क्या कहने लगी, तुम्हें है क्या खबर
इस कदर प्यार है तुमसे ऐ हमसफ़र
अब तो जीते हैं हम बस तुम्हें देखकर
सांसों में बसने लगा
जबसे तू ओ जान-ए-जां
अपना सा लगने लगा
मुझको ये सारा जहां
महका महका लगता मुझको
खुशियों से दिल का नगर
क्या है ये, क्यों है ये,
क्या खबर, हाँ मगर जो भी है
बड़ा अच्छा लगता है
इस कदर प्यार है
बड़ा अच्छा लगता है
इस कदर प्यार है
बड़ा अच्छा लगता है