Tu Kaun Main Kaun

Lyrics

Tu Kaun Main Kaun

by Guru Randhawa

Released: April 2025 • 3 Views

मैं कौन, तू कौन

कुछ भी पता नहीं

मैं कौन, तू कौन

कुछ भी पता नहीं

दिल तुझ पर आ जाने की

बार-बार गलती कर रहा है

मैं कौन, तू कौन

कुछ भी पता नहीं

दिल तुझ पर आ जाने की

बार-बार गलती कर रहा है

जैसे पता ही नहीं चलता

बेईमान मौसम का

कब हाथों से फिसल जाए

दिल हाँ कहते-कहते

क्यों ऐसे ही रोग लगा लेते हैं, डूब जाते हैं

तुझसे यह दर्द कहाँ सहा जाएगा

मन में क्या सोचा था मैंने

तुझे कैसे जाकर बताऊँ

मैं कौन, तू कौन

कुछ भी पता नहीं

दिल तुझ पर आ जाने की

बार-बार गलती कर रहा है

आशिक़ों को गहरे ज़ख़्म

खाने पड़ते हैं

दुनिया से अपने ज़ख़्म

छुपाने पड़ते हैं

दुनिया हँसती रहती है

कानों में कुंडल डालकर

आसान नहीं होता रांझों के लिए

भेष बदलना

दिल का रोग ही सबसे बड़ा रोग है

मैं तो बस यूँ ही पागलपन करता फिरता हूँ

मैं कौन, तू कौन

कुछ भी पता नहीं

दिल तुझ पर आ जाने की

बार-बार गलती कर रहा है